रविवार, 4 अप्रैल 2021

भारत की पहली ग्रामोफोन गायिका 'गौहर जान

 भारत की पहली ग्रामोफोन गायिका 'गौहर जान' की पुण्यतिथि  ( 17 जनवरी  1930 ) पर विशेष लेख..... .............................................................................................. 


 1925-40 के बीच हिन्दी फिल्मों की 'रक्कासा गौहरजान ' महत्त्वपूर्ण गायिका रही है गौहर जान दक्षिण एशिया की पहली गायिका थीं जिनके गाने ग्रामाफोन कंपनी ने रिकॉर्ड किए उनकी रिकार्डिंग की एक खास बात ये होती थी की उसे ख़त्म करने से पहले वो कहती थी....   


'माय नेम इज़ गौहर खान '  


 तवायफों की परम्परा में आने वाली गौहर जान 19वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध की सबसे महंगी गायिका थीं जो महफिलें सजाती थीं। उनका दबदबा ऐसा था कि रियासतों और संगीत सभाओं में उन्हें बुलाना प्रतिष्ठा की बात हुआ करता थी इनके बारे में मशहूर था कि सोने की एक सौ एक गिन्नी लेने के बाद ही वह किसी महफिल में गाने के लिये हामी भरती थीं। ....गौहर जान बला की खूबसूरत दिलकश कातिल अदायें ओर सुरीली नशीली आवाज़ की मालकिन थीं उसके दीवानो की फेहरिस्त में राजा ,नवाब नौकरशाह और अंग्रेज़ भी थे उस गौहर जान का महज़ 37 वर्ष की आयु में ही दुनिया से गुमनाम चले जाना हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है ...आज की पीढ़ी के लिए भले ही 'गौहर जान ' नाम का कोई वजूद न हो पर एक वक्त था उनका नाम बच्चे-बच्चे की जुबान पर मशहूर था.....और महफ़िलो में कद्रदान अपनी सांसे रोककर उसका इंतज़ार करते थे ..


https://suhaniyadain2020.blogspot.com/2019/02/100.html

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पवन मेहरा 

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पर्दे का पुलिसिया चेहरा

 इफ्तिखार साहेब ने लगभग 300 हिंदी फिल्मो में चरित्र भूमिकाये निभाई उनका असली नाम 'सैयदना इफ्तिखार अहमद शरीफ 'था ...अक्सर पुलिसमैन की भूमिका में नजर आने वाले 'इफ्तिखार 'एक गायक और बेहतरीन पेन्टर भी थे कलकत्ते में उनके कई गैरफिल्मी गीत रेकॉर्ड हुए थे लेकिन अफसोस की बात यह है कि अंत तक उनके पास उनके गाया हुआ एक भी रेकॉर्ड नहीं रहा उन्होंने अपने चाहने वालों से अनुरोध करते रहे कि यदि किसी के पास भी यदि उनका गाया रेकॉर्ड हो तो उन्हें भेंट कर दें  ....अफ़सोस ऐसा हुआ नहीं ...... और वो इस आखरी हसरत को लिए हुए ही दुनिया से रुखसत हो गए  ...


महबूब की मेहंदी का 'नवाब सफ़दरजंग' ,झील के उस पार के 'दीवानजी' ,निकाह का 'जुम्मन चाचा' ,ज़ख़्मी के जज 'अशोक गांगुली' ,हमराज़ के' एडवोकेट जगमोहन कुमार ',नूरी के 'गुलाम नबी 'डॉन का 'डी.एस.पी डिसिल्वा' ,और दिवार का 'मुल्खराज़ डावर' हिंदी सिनेमा के दर्शको के जेहन में हमेशा अमर रहेगा........


🌷🌷 आज इफ्तिखार साहेब का 101 वा जन्मदिवस है 🌷🌷

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Sayedna Iftekhar Ahmed Sharif

22 feb 1920  

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पवन मेहरा

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सोहराब मोदी .....

 सोहराब मोदी ...

..( जन्मदिन विशेष - 02 नवंबर 1897 )

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फिल्मी अलोचक भी मानते है की प्रभावशाली एतिहसिक फिल्में बनाने में सोहराब मोदी के कौशल का कोई भी मुकाबला नही सकता है उन्होंने 1935 में 'स्टेज फ़िल्म कंपनी' की स्थापना की थी 1936 में स्टेज फ़िल्म कंपनी 'मिनर्वा मूवीटोन ' हो गयी और इसका प्रतीक चिह्न 'शेर' हो गया। प्राचीन रोम के ग्रंथो में कला और व्यवसाय की देवी को "मिनर्वा "के नाम से जाना जाता है इसी मिनर्वा मूवीटोन बैनर के तले उन्होंने ' पुकार ' (1939) का निर्माण किया जो इतिहास बन गई सोहराब मोदी की 'पुकार' देश की पहली ऐतिहासिक कथानक वाली फिल्म थी। फिल्म रिकॉर्ड आठ महीने में बनकर तैयार हो गई कमाल अमरोही के साथ सोहराब मोदी की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया था फिल्म 'पुकार की ओपनिंग चौंधिया देने वाली थी। मैटिनी शो के लिए सुबह दस बजे से कतार लग जाती थी,अमरोही की लिखी फिल्म 'पुकार- द ग्रेट मुगल' को लोगों ने हाथों-हाथ लिया .........आप 'पुकार ' में सोहराब मोदी और अभिनेता चंद्रमोहन की शानदार अवाज़ को आँखे बंद करके महसूस कर सकते महान अभिनेता 'सोहराब मोदी' की संवाद अदायगी के सामने चंद्रमोहन अपने आप को एक अच्छा अभिनेता साबित करने मे सफल रहे हैं दोनों जब भी एक साथ परदे पर आते है अपने संवादों से समां बांध देते है 'पुकार' अपने समय की एक बेहद सफल फिल्म है....

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पवन मेहरा

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RAJ KAPOOR .....Birthday Special Story ......

 ...... राजकपूर जिस शख्स से एक बार मिल लेते थे उन्हें भूलते नहीं थे एक ऐसा ही किस्सा मास्टर निसार का भी है ......आज की पीढ़ी 'मास्टर निसार 'के नाम से भले अनजान हो लेकिन 30 के दशक में मास्टर निसार लोगों के पसंदीदा स्टार थे लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते थे। राजकपूर ने न केवल मास्टर निसार को अपनी फिल्म में काम दिया बल्कि उनकी आर्थिक मदद भी की   एक रोज अचानक जब निसार राजकपूर के सामने बड़ी दयनीय हालत में काम मांगने आये तो राजकपूर ने अपनी कम्प्लीट हो चुकी फिल्म ''बूट पोलिश ''में एक पूरा गाना ही उनको समर्पित कर दिया भले ही इसके लिए उन्हें फिल्म ''बूट पोलिश ' की शूटिंग दुबारा करनी पड़ी थी ..... https://suhaniyadain2020.blogspot.com/2018/04/blog-post_27.html?fbclid=IwAR0s2KgE4WfM72mUqKwXklCjZ3sXfsB9sLj0J6R7trAtqiuQPgwcccPDRoc ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● 

पवन मेहरा

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दारा सिंह का कोई जोड़ नहीं

 हिंदी सिनेमा के इतिहास में दारा सिंह जी खुद एक पूरा अध्याय है उनका अपना एक वक्त था जब हर शुक्रवार को उनकी कोई न कोई फिल्म रिलीज़ होती हालाँकि ये फिल्मे सी ग्रेड होती थी  लेकिन उनके चाहने इन फिल्मो का बेसब्री से इंतज़ार करते थेl

......ये एक खास वर्ग था जिन्हे दारा सिंह से बेहद लगाव था उन्हें कोई मतलब नहीं था इस फिल्म में नायिका कौन है ? ,निर्माता ,संगीतकार कौन है ? वो सिर्फ परदे पर दारा सिंह को देखने जाते थे ....ये दारा सिंह जी का फिल्मो में आरंभिक दौर था इन दर्शको को दारा सिंह जी से इतना लगाव था की वो हिंदी फिल्मो में उनके द्वारा पंजाबी पुट में बोले गए संवादों को भी नज़र अंदाज़ कर देते थे ऐसा प्यार और सम्मान पाने के लिए हर अभिनेता तरसता है .......फिर वो समय भी आया जब दारा सिंह जी ने बड़ी फिल्मो की और रुख किया और कामयाब रहे पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री भी उनके योगदान को कभी नकार नहीं सकती बाकि रामायण सीरियल के माध्यम से भगवान हनुमान बन कर वो आज भी अजर अमर है ...


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पवन मेहरा


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सरकाती खरीद में करप्शन फ्री स्कीम

 *सीएम योगी ने सरकारी खरीद में होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाया ब्रेक*

राजेश सिन्हा
लख़नऊ / सहारनपुर l 


*विभागीय खरीदारी में गुणवत्ता, पारदर्शिता, मितव्ययिता को दी गई तरजीह, विभागों ने चार साल में 9442 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी की*


*देश में जेम पोर्टल से सरकारी खरीदारी में नंबर वन हुआ यूपी, प्रदेश में जेम पोर्टल से ही सरकारी विभाग कर सकते हैं खरीदारी*


*गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा समेत अन्य राज्यों को पछाड़ा*


*1,23,697 विक्रेताओं में 58,725 सूक्ष्म और लघु उद्यमी भी, सवा दो लाख से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मिला रोजगार*


*चार अप्रैल, लखनऊ।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में सरकारी खरीद में होने वाले करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार पर रोक लगा दी है। उन्होंने इस मामले में गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा समेत अन्य राज्यों को न सिर्फ पीछे छोड़ा है, बल्कि देश में सबसे ज्यादा जेम पोर्टल के माध्यम से सरकारी खरीदारी कर इतिहास रच दिया है। इसमें गुणवत्ता, पारदर्शिता, मितव्ययिता को तरजीह दी गई है। जिस कारण विभागों ने चार साल में 9442 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी की है।

सीएम योगी ने सत्ता संभालने के बाद सभी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया था। साथ ही उन्होंने जेम पोर्टल को प्रभावी रूप से क्रियाशील करने और विभागीय खरीदारी को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के निर्देश दिए थे। जेम पोर्टल से खरीदारी में उत्तर प्रदेश पहले पायदान पर सिरमौर है। दूसरे नंबर पर गुजरात, तीसरे पर दिल्ली, चौथे पर मध्य प्रदेश, पांचवें पर महाराष्ट्र, छठे पर बिहार, सातवें पर छत्तीसगढ़, आठवें पर उड़ीसा, नौवें पर जम्मू एंड कश्मीर और दसवें नंबर पर आंध्र प्रदेश है। प्रदेश में जेम पोर्टल पर निजी क्षेत्र के 1,23,697 विक्रेता हैं, जिसमें 58,725 सूक्ष्म और लघु उद्यमी भी शामिल हैं। इनसे सवा दो लाख से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिले हैं।


*दो बार केंद्र सरकार ने दिया अवार्ड*

विभिन्न विभागों ने प्रदेश में जेम पोर्टल से वित्तीय वर्ष 2017-18 में 602 करोड़, वित्तीय वर्ष 2018-19 में 1674 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2401 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जो लगातार बढ़ते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 4675 करोड़ की खरीदारी की गई है। इस प्रकार चार साल में करीब 9442 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी जेम पोर्टल से विभागों ने की है। केंद्र सरकार ने प्रदेश को 2018 में बेस्ट बायर अवार्ड और 2019 में सुपर बायर अवार्ड से भी सम्मानित किया है।


*करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार पर लगी रोक: सहगल*

इस बारे में एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल कहते हैं कि जेम पोर्टल के माध्यम से करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार पर रोक लगी है। साथ ही विभागीय खरीदारी में गुणवत्ता, पारदर्शिता, मितव्ययिता को तरजीह दी जा रही है, जिस कारण आज पोर्टल पर 12,232 सरकारी खरीदार हैं और एक लाख 23 हजार 697 विक्रेता हैं, जिन्होंने चार साल में देश में सबसे ज्यादा 9442 करोड़ की खरीद की है। 


*क्या है जेम पोर्टल*

जेम पोर्टल एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां पर 70 हजार से ज्यादा विक्रेता पंजीकृत हैं। इन विक्रेताओं के हजारों उत्पाद भी निर्धारित दर और मानक के अनुसार उपलब्ध हैं। चूंकि सरकार की ओर से आदेश है कि जो उत्पाद या सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध हैं, उनकी खरीदारी अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल से ही की जाएगी।


*ये है प्रमुख राज्यों की स्थिति*

उत्तर प्रदेश 9442

गुजरात 4030

दिल्ली 3145 

मध्य प्रदेश 3084

महाराष्ट्र 2545

बिहार 1992

छत्तीसगढ़ 1992

उड़ीसा 1261

जम्मू एंड कश्मीर 1239

आंध्र प्रदेश 1129

पंजाब 1098

चंडीगढ़ 921

कर्नाटक 843

*(नोट- सभी आंकड़े करोड़ों में हैं और पिछले चार सालों पर आधारित हैं)*

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021

हलाकू 1956

 हलाकू 1956

निर्माता- प्रेम नारायण अरोरा, डी डी कश्यप

निर्देशक- डी डी कश्यप

गीत- हसरत जयपुरी , शैलेन्द्र 

संगीत- शंकर, जयकिशन

कलाकार- मीना कुमारी, प्राण, अजित खान, वीणा, शम्मी, मीनू मुमताज, राज मेहरा, हेलेन


         मंगोल राजा चंगेज खान के पोते हलागू खान से जुड़ी कहानी को लेकर ये फिल्म बनाई गई.. हलागू खान की भूमिका में प्राण नजर आए..प्राण की बेहतरीन अदाकारी वाली फिल्मों में से यह एक..इस फिल्म का संगीत बहोत लोकप्रिय रहा..इस फिल्म का हर एक गीत खूबसूरत है और उसे लता मंगेशकर की आवाज से सजाया गया है...


१)आजा के इंतजार में जाने को है बहार भी-   -शैलेंद्र -

-लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी

    

२)बोल मेरे मालिक तेरा क्या यही है इन्साफ -हसरत जयपुरी

   -लता मंगेशकर

    

३)ओ सुनता जा दिल का नग़मा-हसरत जयपुरी-

   -लता मंगेशकर

    

४)ये चांद ये सितारे ये साथ तेरा मेरा, शैलेंद्र,

   -लता मंगेशकर

    

५)उसे मिल गयी नई जिन्दगी- हसरत जयपुरी-

   -लता मंगेशकर

    

६)अजी चले आओ तुम्हे आंखों ने दिल में बुलाया- शैलेंद्र -

   लता मंगेशकर, आशा भोसले

    

७)दिल का ना करना ऐतबार कोई -शैलेंद्र

   -लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी

    

८)तेरी दुनिया से जाते हैं छूपाये दिल में ग़म अपना - शैलेंद्र

   -लता मंगेशकर