दिल्ली भले ही देश का दिल हो, मगर इसके दिल का किसी ने हाल नहीं लिया। पुलिस मुख्यालय, सचिवालय, टाउनहाल और संसद देखने वाले पत्रकारों की भीड़ प्रेस क्लब, नेताओं और नौकरशाहों के आगे पीछे होते हैं। पत्रकारिता से अलग दिल्ली का हाल या असली सूरत देखकर कोई भी कह सकता है कि आज भी दिल्ली उपेक्षित और बदहाल है। बदसूरत और खस्ताहाल दिल्ली कीं पोल खुलती रहती है, फिर भी हमारे नेताओं और नौकरशाहों को शर्म नहीं आती कि देश का दिल दिल्ली है।
मंगलवार, 11 जनवरी 2022
सोमवार, 10 जनवरी 2022
11 जनवरी 2022 का पंचांग / कृष्ण मेहता
🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक - 11 जनवरी 2022*
⛅ *दिन - मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - शिशिर*
⛅ *मास - पौस*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - नवमी दोपहर 02:21 तक तत्पश्चात दशमी*
⛅ *नक्षत्र - अश्विनी सुबह 11:10 तक तत्पश्चात भरणी*
⛅ *योग - सिध्द सुबह 10:56 तक तत्पश्चात साध्य*
⛅ *राहुकाल - शाम 03:31 से शाम 04:53 तक*
⛅ *सूर्योदय - 07:19*
⛅ *सूर्यास्त - 18:13*
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *Diabetes( मधुमेह) नियंत्रित करने के लिए* 🌷
👉🏻 *Diabetes नियंत्रित करने के लिए सुबह १/२ किलो कच्चा करेला टुकड़े - टुकड़े करके तसले में डाल दें और अपने पैरों से १/२ से ३/४ घंटे तक तक कुचलें जब तक जीभ में कड़वाहट का अहसास ना हो l ७-१० दिन तक ये प्रयोग करें l इससे Diabetes नियंत्रित होती है l*
👉🏻 *हो सके तो इन दिनों में मेथी की सब्जी खाए या मेथी के दाने रात को भिगा दे और सुबह खाए | इससे लाभ होगा |*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *होंठ फटने पर* 🌷
➡ *नाभि में सरसों के तेल की २-४ बूंदे डालें तथा जरा से मक्खन में नमक मिलाकर होंठों पर लगायें इससे लाभ होता है l*
🙏🏻 *
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *राग और ताल की महिमा* 🌷
👉🏻 *राग और ताल सुनने से बहुत सी बीमारियाँ दूर होती हैं*
🎼 *राग मारवा और राग भोपाली से आंतों की बीमारियाँ दूर होती हैं l*
🎼 *राग आसारी से मस्तक के रोग दूर होते हैं l*
🎼 *राग भैरवी से सिरदर्द ठीक होने लगता है l*
🎼 *राग सोहनी से सिरदर्द और मरुरज्जू (रीड़ की हड्डी में जो मनके घिस गए, वो ठीक होने लगते हैं l)*
🎼 *राग वसंत और राग सोरट से नपुंसकता दूर हो जाती है l*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏
शनिवार, 8 जनवरी 2022
शेख मुजीबुर्रहमान / रेहान fzlb
50 वर्ष पूर्व आज ही के दिन शेख मुजीबुर्रहमान पाकिस्तानी जेल से छूट लंदन पहुंचे थे......
भुट्टो आख़िरी समय तक पाकिस्तान के साथ किसी न किसी तरह का संबंध बनाए रखने के लिए शेख मुजीब पर दबाव डालते रहे. जिस दिन शेख़ को छोड़ा जाना था और वो लंदन के लिए उड़ान भरने वाले थे, भुट्टो ने उनसे कहा कि वो एक दिन के लिए और रुक जाएं , क्योंकि अगले दिन ईरान के शाह आ रहे थे और वो उनसे मिलना चाहते थे. मुजीब समझ गए की भुट्टो ईरान के शाह से उनपर दबाव डलवाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि भुट्टो का प्रस्ताव उन्हें मंज़ूर नहीं है. अगर वो चाहें तो उन्हें दोबारा जेल भिजवा सकते हैं. पढ़िए पूरा लेख इस लिंक को क्लिक कर
Syed Badrul Ahsan Mahendra Ved Manmohan Sharma Raman Hitkari
दो बीघा जमीन / बिमला रॉय
हिंदी सिनेमा के उस महान निर्देशक जिसकी एक फिल्म ‘ दो बीघा जमीन’ ने दुनियाभर में तहलका मचा दिया।
उन्होंने बंगाली और हिंदी भाषा में कई फिल्में बनाई हैं। बिमल रॉय की फिल्में परिणीता, बिराज बहु, मधुमती, सुजाता, परख, बंदिनी भी शामिल हैं। इन फिल्मों को अलग अलग कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया था।
12 जुलाई 1909 में बिमल रॉय का जन्म हुआ। वे एक जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे। पिता की आकस्मिक मौत के बाद उनके घर पर पारिवारिक विवाद हुआ जिसकी वजह से उन्हें जमीदारी से बेदखल होना पड़ा। पढ़ाई करने के बाद वे फिल्मों में कुछ करने के लिए कलकत्ता चले गए। बिमल रॉय की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि मधुबाला को उनकी फिल्म में काम न कर पाने का अफसोस था।
बिमल रॉय ने मानवीय सरोकारों से जुड़े मुद्दों को अपने सिनेमा के जरिए दिखाया। संगीतकार सलिल चौधरी को बिमल रॉय ने 'दो बीघा जमीन' के लिए हिंदी सिनेमा में पहला ब्रेक दिया। सलिल चौधरी ने फिल्म की कहानी भी लिखी थी और बलराज साहनी को मुख्य भूमिका के लिए बिमल रॉय से मिलवाया था। यह वही फिल्म थी जिसने बिमल रॉय को अमर कर दिया। दो बीघा जमीन 1953 में आई थी। साल 1953 में बिमल रॉय की फिल्म दो बीघा जमीन को कांस में इंटरनेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था।
ये फिल्म न सिर्फ किसानी को समर्पित जबरदस्त फिल्म है बल्कि अभिनेताओं के लिए भी धर्मपुस्तक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे काफी सराहा गया और कई पुरस्कार अपनी झोली में बटोरे। फिल्म देखने के बाद एक बार राजकपूर ने कहा था कि मैं इस फिल्म को क्यों नहीं बना सका। अगले हजार साल बाद भी भारत की 100 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की सूची बनी तो ये फिल्म उसमें शामिल जरूर होगी।
1958 में उनकी फिल्म 'मधुमति' को 9 फिल्मफेयर पुरस्कार मिले थे। उनके नाम यह रिकॉर्ड कई साल तक कायम रहा। कैंसर से पीड़ित बिमल रॉय साल 1965 में 55 साल की उम्र में चल बसे और हमेशा के लिए सिनेमा को अमर कर गए।
अमर उजाला के आलेख के
कोरोना से बिहार में तीसरी लहर की पहली मौत
कोरोना की तीसरी लहर फैलने के बाद मुजफ्फरपुर में संक्रमण से पहली मौत शनिवार* को हो गई। मृतक सकरा के शहदुलापुर पिपरी गांव का रहने वाला था। उसकी उम्र 62 वर्ष बताई जा रही है। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिन पहले तबीयत खराब हुई थी। इसकी पुष्टि सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार ने की है।
कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत पर सिविल सर्जन ने बताया कि संक्रमित मरीज हृदय रोगी था। उसके हार्ट के दोनों वॉल्व खराब हो गए थे। हार्ट का इलाज कराने के लिए वह निजी अस्पताल में भर्ती हुआ था। अस्पताल में ही जांच के दौरान संक्रमित पाया गया था। मरीज का दाह संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गय
: *राजधानी पटना में एक बार फिर से कोरोना का संक्रमण बढ़ता* जा रहा है, जिसे देखते हुए राजद के प्रदेश कार्यालय को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के निर्देश पर राजद कार्यालय को बंद किया गया है। अभी तक पार्टी का कोई भी व्यक्ति या कर्मचारी संक्रमित नहीं पाया गया है लेकिन बाहर से आए कुछ लोगों की जब जांच कराई गई तो उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसलिए राजद प्रदेश कार्यालय को तत्काल बंद कर दिया गया है।
तीसरी लहर से चिंता
राजद प्रवक्ता के अनुसार तीसरी लहर को देखते हुए पार्टी कार्यालय को बंद किया गया है। हालांकि अगर किसी कार्यक्रम या बैठक की आवश्यकता होगी तो उसे दो चार लोगों की उपस्थिति में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि इसके पूर्व कोरोना संक्रमण के खतरे और कुछ कर्मचारियों के संक्रमित होने के बाद पटना स्थित जदयू कार्यालय को भी बंद कर दिया गया था। बाद में दिल्ली स्थित जदयू कार्यालय को भी बंद कर दिया गया। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार विधानसभा को 16 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को यह फैसला लिया। विधानसभा में पिछले 72 घंटे में 25 से ज्यादा कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए है। इसी कारण विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने 16 जनवरी तक विधानसभा को बंद करने की घोषणा की है।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से तय होगा भाजपा के भविष्य की राजनीति / पवन कुमार *
पवन कुमार
*करोना के जोर पकड़ने से पहले होंगे चुनाव,
फिर लग सकता है देश में लॉक डाउन*
8 जनवरी l आज दोपहर बाद चुनाव आयोग ने करोना को चुनौती देते हुए 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव कि तिथि घोषित कर दी है I पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में वालिंटाइन दिवस यानि 14 फरवरी को होंगे,मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च को होंगे I उत्तरप्रदेश में 10 फरवरी से 3 मार्च के बीच 7 चरणों में होंगे I पंजाब और उत्तरप्रदेश में जमकर चुनाव प्रचार होगा I चुनावी रैलियों होंगी और फिर करोना फैलेगा है I 10 मार्च को रिजल्ट आएगा और फिर करोना को फैलने से रोकने के लिए लगेगा लॉकडाउन, ऐसा मेरा मानना है I सरकार चाहे किसी कि भी बने पर नुक्सान तो जनता का ही होगा I उनका कारोबार खत्म,नौकरी छूटेगी,स्कूल बंद रहेंगे,खुला होगा तो बस राजनैतिक चर्चाओं का बाजार I उसके बाद जोड़-तोड़ करके हर राज्यों में सरकार भी बन जायेगी और उसके बाद करोना को रोकने के लिए चलाया जयेगा राष्ट्रव्यापी अभियान I
प्रधानमंत्री फिर देंगे राष्ट्र के नाम सन्देश,जनता पर उसका पालन करने के लिए थोपा जायेगा I देश पर आई आपदा और करोना कि मार को देखते हुए विधानसभा चुनाव टाले भी जा सकते थे,पर नहीं सत्ता कि भूख इतनी कि,शिक्षा और रोजगार का नुकसान सत्ता धारियों को दिखाई नहीं देता I दिखाई देता है तो बस चुनाव,चुनाव और चुनाव I पंजाब में भाजपा चुनाव जीते,ऐसी सम्भावना कम है I उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव कि स्पष्ट तस्वीर अभी नजर नहीं आ रही, यह भी सच है के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के आने वाले परिणान भाजपा के भविष्य कि राजनीति को अवश्य प्रभावित करेंगे I यह 10 मार्च को आने वाले परिणाम ही तय करेंगे कि भाजपा चुनाव के बाद फ्रंट पर रहती है या बैकफूट पर आती है I पंजाब में तो विधानसभा चुनाव भाजपा के विरोध में होने है I पंजाब विधानसभा सभा का चुनाव मोदी बनाम सिख हो गया और इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि पंजाब में भाजपा को मुंह कि खानी पड़ सकती I उत्तराखंड,गोवा और मणिपुर के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता I बाकि आगे समय बताएगा I
*पवनकुमार(संपादक)*
एसएसपी टाइम्स
फ़ोन: 8168465934
श्रीवल्लभ व्यास
श्रीवल्लभ व्यास हिन्दी रंगमंच के बहुत प्रसिद्ध और बड़े अभिनेता थे। उनके अभिनय की सहजता और संवाद अदायगी अद्भुत थी। फिल्मों से ज्यादा मैंने उन्हें मंच पर देखा है। श्रीवल्लभ व्यास रंगमंच के चर्चित स्टार रहे हैं। हिंदी रंगमंच पर उनके योगदान और कार्य का मूल्यांकन अभी बाकी है।
श्रीवल्लभ व्यास जब फिल्मों मे गए तो वहां भी अलग पहचान बनाई। कई यादगार रोल फिल्मों मे कर दर्शकों के चहेते बने। पर 2008 मे फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें पेरालाइसिस का अटैक हुआ। त्रासद पेरालाइसिस और स्मृति लोप के बाद,पिछले कुछ सालों से जयपुर में उनका इलाज चल रहा था।
पिछली बार जब मिला था तो मैने कहा धा, वल्लभ भाई एक बार फिर नाटक करेंगे। वल्लभ भाई बालसुलभ तरीके से मुस्कराहट से खिलखिला उठे। और मुश्किल से उठते हाथों मे मेरा हाध पकड़ गरदन हिलाने लगे।
हम सबको और उनके परिवार को भी उम्मीद थी कि कुछ चमत्कार होगा और सब ठीक हो जाएगा। पर श्रीवल्लभ भाई,त्रासदी का पटाक्षेप कर नेपथ्य मे चले गए।
अभिनय की दुनिया में जहां ग्लैमर है, शोहरत है और बेइंतहा पैसा है,वही कड़वी सच्चाइयों और दुखदायी त्रासदी भी है।
श्रीवल्लभ व्यास ने जिन्दगी के हर पहलू को अभिनय मे बखूबी दर्शाया और अब हमे स्तब्ध और भाव-विभोर कर नेपथ्य मे चले गए।
श्रीवल्लभ व्यास के हिन्दी रंगमंच और फिल्मों में यादगार योगदान को Asmita Theatre Group और सभी रंगकर्मियों का सादर सलाम और विनम्र श्रद्धांजलि।
#ShrivallabhVyas