शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2024

खाओ हींग रहो बनो किंग

 *सेहत के लिए शुद्ध हींग के क्या फायदे है??*


*Pure Hing Ke Fayde:??*


 भारतीय मसालों में "हींग" एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। अपनी सुगंध और औषधीय गुणों के कारण हींग का भारतीय डिशेज में खूब इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा हींग आयुर्वेदिक इलाज  में भी काम आता है। चाहे भारतीय डिशेज में तड़का लगाना हो या फिर अचार और चटनी में महक जोड़नी हो, हींग का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है। वहीं खाने के अलावा हींग के कुछ स्वास्थ्य लाभ भी हैं, जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।


 *डाइजेशन सुधारे*

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हींग अपने पाचन संबंधी गुणों के लिए हमेशा से जाना जाता रहा है। हींग एक नेचुरल कार्मिनेटिव के रूप में काम करता है, जो पेट फूलने, अत्यधिक गैस बनना,सूजन और अन्य पाचन संबंधी परेशानियों को कम करने में मदद करने के लिए जाना जाता है। कढी , दाल,सब्जी सूप, या फिर दूसरी डिशेज में एक चुटकी हींग मिलाने से खाना पचाने में मदद मिल सकती है।

वे सभी लोग जो पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं, उनके लिए हींग एक अच्छे उपचारों में से एक है। इसका उपयोग पेट से संबंधित सामान्य समस्याओं जैसे कि सूजन, गैस, चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम के इलाज के लिए किया जाता है। आमतौर पर हींग का प्रयोग पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए जाना जाता है, लेकिन यह अन्य समस्याओं से भी राहत दिलाने में मददगार है।

 *कई बीमारियों में लाभदायक 

 

हींग में ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं, जो ब्लड थिनर्स के रूप में काम करते हैं। इसके अलावा ये ब्लड प्रेशर को कम करने और दिल को हेल्दी बनाने में भी मदद करता है।


*​खांसी, अस्थमा से राहत दिला सकती है हींग*

खाने में हींग को शामिल करना दिल के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का एक स्मार्ट उपाय है।

हींग अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-वायरस और एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण अस्थमा और अन्य सांस संबंधी परेशानियों जैसे ब्रोंकाइटिस और सूखी खांसी से राहत दिलाता है। 

ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप अपने डेली रूटीन में हींग का सेवन कर सकते हैं। हींग का पानी रोजाना पीना हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा। इसके लिए आप एक गिलास गर्म पानी में बाजरे के दाने बराबर हींग डालकर मिलाएं। इसे खाली पेट पीने से पाचन संबंधी समस्याओं (पाचन संबंधी समस्याओं के उपचार के उपाय) से राहत मिलती है। सिरदर्द होने पर भी हींग को ड्रिंक का सेवन किया जा सकता है। इस ड्रिंक से आपकी त्वचा को भी फायदा होगा।

हींग पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत दिलाने में मदद कर सकता है क्योंकि इसमें नेचुरल ब्लड थिनिंग कंपाउंड पाए जाते हैं। दरअसल, हींग शरीर के किसी भी हिस्से में बाधा डाले बिना ब्लड सर्कुलेशन को सही ढंग से फ्लो करने में मदद करताहै। नतीजतन, ये पीरियड्स के दौरान होने वाले पीठ और पेट के निचले हिस्से के दर्द को कम करता है।


** *​बटरमिल्क के साथ हींग***

बटरमिल्क यानी छाछ आपके पाचन स्वास्थ्य और वजन घटाने के लिए बेहद फायदेमंद है। एक गिलास छाछ में एक चुटकी हींग मिलाकर पीने से आपकी सेहत को और अधिक लाभ मिल सकते हैं। गैस्ट्रिक समस्याओं के लिए, आप दिन में एक या दो बार खाना खाने के ठीक बाद हींग वाला एक गिलास छाछ पी सकते हैं।


हींग एक प्राकृतिक ब्लड थिनर के रूप में भी जानी जाती है, जो रक्तचाप के स्तर (blood pressure level) को कम करने में मदद करती है। साथ ही, हींग में एक यौगिक होता है जो रक्त के थक्कों यानी ब्लड क्लॉटिंग को बनने से रोकता है।


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बुधवार, 10 जनवरी 2024

रजवाड़ा चौक / मुरारी कुमार झा

 मेरे लिए रास्ते भटकने का मतलब नवीन जानकारियों की प्राप्ति ही रही है। कई बार रास्ते भटकने के बाद ही अति महत्वपूर्ण पुरास्थलें प्राप्त हुए हैं।

        कल थोड़ी सी भटकाव के उपरांत रजवाड़ा चौक पर रुका और जैसे ही पीछे मुड़ा तो देखा कि पीपल पेड़ के नीचे 09-11वीं शताब्दी की एक देवी प्रतिमा मेरे ही प्रतीक्षा में थी। फिर लौहयुगीन मालती से होते हुए वापस हुआ। लगभग 07 बीघा क्षेत्र में फैला बरौनी प्रखंड अंतर्गत आने वाला मालती गांव का हिस्सा एक अति विशिष्ट पुरास्थल के ऊपर बसा हुआ है, जो गंगा बेसिन से महज 03 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।


                                            :-मुरारी कुमार झा(पुरातत्व)

बुधवार, 13 दिसंबर 2023

Dr रुपाली की सलाह / पेशाब में जलन

 पेशाब की जलन को मिटाने के लिए कौन-सी चीजों को खुराक में शामिल करना चाहिए?

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पेशाब की जलन को मिटाने के लिए इन चीजों को अपनी खुराक में शामिल करें जो इस प्रकार हैं:-


1. दही में पिसी हुई प्याज की चटनी मिलाकर कुछ दिन खाने से पेशाब की जलन दूर हो जाती है।


2. इमली के पत्तों का रस पीने से पेशाब की जलन मिट जाती है।


3. गन्ने का रस पीने से पेशाब की जलन ठीक हो जाती है।


4. सुबह-शाम 4–5 गुलाब के फूलों के साथ 3 ग्राम मिश्री मिलाकर खाने से कुछ दिनों में पेशाब की जलन दूर हो जाती है।


5. तुलसी की 4–5 पत्तियां दिन में 2 बार चबाकर ऊपर से 2 घूंट पानी पीने से पेशाब की जलन में लाभ होता है। सुबह के समय खाली पेट लें।


इसलिए दोस्तों इन चीजों का इस्तेमाल करें और पेशाब की जलन से छुटकारा पाएं।


रतन वर्मा और यह सम्मान


16 दिसंबर, को रतन वर्मा को 'बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान' से अलंकृत किया जाएगा 


झारखंड के जाने-माने कथाकार, कवि, साहित्यकार रतन वर्मा को 16 दिसंबर को 'बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान' से अलंकृत किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें वर्ष 2022 हेतु उत्कृष्ट कथा लेखन के लिए  प्रदान किया जाएगा। 'बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान समारोह' आरा (बिहार) के तत्वाधान में आयोजित होने वाला  यह सम्मान समारोह  16 दिसंबर को पटना  के 'जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान' सभा कक्ष में सम्पन्न होगा। आयोजित इस सम्मान समारोह में पूनम सिंह, 2018 (कहानी),  डॉ  विनय कुमार, 2019 ( कविता) , रामदेव सिंह, 2020 ( कहानी), अनिल विभाकर , 2021 (कविता), रतन वर्मा, 2022  (कहानी), विनय  सौरभ, 2023 (कविता) के लिए 'बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान' प्रदान कर अलंकृत किया जाएगा।

सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में  प्रख्यात साहित्यकार आलोक धन्वा एवं रामधारी सिंह दिवाकर सम्मिलित होंगे । सम्मान समारोह की अध्यक्षता मदन कश्यप और हृषीकेश  सुलभ करेंगे।  इस समारोह में रांची  के प्रख्यात साहित्यकार रवि भूषण की  सद्य प्रकाशित  कृति 'आजादी' :  सपना और हकीकत' का लोकार्पण किया जाएगा।  सम्मान समारोह का उद्घाटन रवि भूषण के कर कमल द्वारा सम्पन्न होगा।  आयोजित कार्यक्रम में अवधेश प्रीत, मदन कश्यप, डॉ रवि भूषण, सुनीता गुप्ता, राकेश रंजन, संतोष दिक्षित, शिवदयाल, सतीश कुमार राय एवं यादवेंद्र  सम्मानित  कथाकारों एवं कवियों की कृतियों पर चर्चा करेंगे।

पूनम सिंह, डॉ विनय कुमार, रामदेव सिंह, अनिल विभाकर, रतन वर्मा एवं विनय सौरभ को 'बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान' से अलंकृत किए जाने की घोषणा पर साहित्यिक संस्था 'परिवेश' के संयोजक विजय केसरी, कथाकार डॉ विकास कुमार, कथाकार भैया विवेक प्रियदर्शी,कथाकार सुबोध सिंह 'शिवगीत' ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि सम्मान समारोह केआयोजक मंडल ने कविता और कहानी के क्षेत्र में जिन छह साहित्यकारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है, इन सबों की कृतियों से हिंदी साहित्य गौरान्वित है। 


विजय केसरी,

(संयोजक)

'परिवेश'

(साहित्यिक/ सांस्कृतिक/वैचारिक एवं सामाजिक संस्था)

रामनगर रोड, 'केसरी निवास', हजारीबाग : 825 301.

 मोबाइल नंबर : 92347 99550.

 दिनांक : 13. 12. 2023.

बुधवार, 6 दिसंबर 2023

टीएमयू के वीसी प्रो. रघुवीर सिंह को हायर एजुकेशन लीडर अवार्ड

 

श्याम सुंदर भाटिया


जयपुर की 9वीं एडुलीडर्स समिट में एक्सट्राओरडिनरी कंट्रीब्यूशन के लिए नवाजे गए, ओबीई के एक्सपर्ट प्रो. सिंह अपनी शैक्षणिक विकास यात्रा में 50 से अधिक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित


ख़ास बातें


कुलाधिपति श्री सुरेश जैन बोले, प्रो. सिंह की लीडरशिप में टीएमयू नित नई बुलंदियों को छुएगी

एआई टेक्नोलॉजी का चमत्कार है, लेकिन यह एक दोधारी तलवार की मानिंद: प्रो. रघुवीर सिंह

ब्रेनवंडर्स और माइंडसेज के फाउंडर्स ने प्रो. सिंह को ट्राफी और सर्टिफिकेट देकर किया सम्मानित

9वीं एडुलीडर्स समिट में देश की 100 से अधिक यूनिवर्सिटीज के जाने-माने शिक्षाविदों ने शिरकत की



तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के वीसी प्रो. रघुवीर सिंह हायर एजुकेशन लीडर ऑफ द ईयर-2023 के अवार्ड से नवाजे गए हैं। प्रो. सिंह को यह अवार्ड एजुकेशन सेक्टर में उनके एक्सट्राओरडिनरी कंट्रीब्यूशन-विशेष योगदान के लिए मिला है। ब्रेनवंडर्स की ओर से जयपुर के होटल क्लार्क्स में आयोजित 9वीं एडुलीडर्स समिट में यह अवार्ड ब्रेनवंडर्स के फाउंडर एवम् सीईओ श्री मनीष नायडू और माइंड सेज इंटरनेशनल की फाउंडर एलिजाबेथ टेलर ने संयुक्त रूप से प्रो. सिंह को ट्राफी और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। समिट में देश की 100 से अधिक यूनिवर्सिटीज के नामचीन शिक्षाविदों ने शिरकत की। उल्लेखनीय है, ओबीई के एक्सपर्ट प्रो. सिंह अपनी अब तक की शैक्षणिक विकास यात्रा में 50 से अधिक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन ने वीसी प्रो. रघुवीर सिंह को हायर एजुकेशन सेक्टर का ऊर्जावान व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा, प्रो. सिंह की लीडरशिप में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी नित नई बुलंदियों को छुएगी।


समिट में वीसी प्रो. सिंह रोल ऑफ एआई इन हायर एजुकेशन पर व्याख्यान देते हुए बोले, एआई टेक्नोलॉजी का चमत्कार है, लेकिन यह एक दोधारी तलवार की मानिंद है। टेक्नोलॉजी ने हमारी लिविंग, वर्किंग, एजुकेशन, इंफॉर्मेशन सरीखी रिसीविंग और लर्निंग के तौर-तरीकों को बदल दिया है। इसीलिए एआई का प्रयोग करते समय सावधानी बरतने की दरकार है।

प्रश्न यह है, आप इसे प्रयोग क्यों करना चाहते हैं? यदि हम इसके गुलाम हो गए तो शिक्षा के क्षेत्र में इसका परिणाम विनाशकारी हो सकता है। आपको इसे बचाना होगा। हम एआई और चैट जीपीटी जैसी तकनीक की वजह से परिवर्तन के दौर में हैं। यदि इस पर अति निर्भर होते हैं तो एआई वास्तव में खतरा है। इस कटु सच्चाई को भी नहीं नकारा जा सकता यदि आप एआई पर मुकम्मल तौर पर फोकस कर लेते हो तो आप एजुकेशन को मिस कर देते हो, लेकिन सामान्य और बार-बार होने वाले मेमोरी बेस्ड टास्क और एक्टीविटीज के लिए एआई उचित विकल्प हो सकती है। एआई एंड चैट जीपीटीज मानव को ट्रिक कर सकती हैं।


एआई की मिस इंफॉर्मेशन से प्रोफेशनल एडिटर्स शॉक्ड हैं। पर्सनलाइज, कस्टमाइज एंड क्यूरेडिट ही लर्निंग है, क्योंकि युवा क्या सीखना चाहते हैं और क्या रेलेवेंट है, यही एडल्ट लर्निंग है। फॉर्मल एजुकेशन का लिमिटिड यूज नहीं है। एआई एक कुंजी की तरह है। यह सब पब्लिक डोमेन में है। एआई एजुकेशन के लिए सपोर्टिड होनी चाहिए। प्रो. सिंह ने बताया, स्टुडेंट्स दो तरह से सीखते हैं। इसके लिए थिंकिंग, प्रॉब्लम सोलविंग, हयूमन रिलेशंस, माइंड सेट, सेंसिटिविटी की दरकार है। टीचर्स में एआई से रिप्लेसिंग का डर बना है। यदि टीचर्स खुद को चेंज या अपडेट नहीं करेगा तो वह स्वतः ही रिप्लेस हो जाएगा। टेक्नोलॉजी से अपनी तुलना मत करो, बल्कि अपने रिच एरिया जैसे- हॉटर्स, ड्राइव और शॉॅफ्ट स्किल्स को पहचानो और उसमें बेस्ट बनो।


रविवार, 3 दिसंबर 2023

ज्यादा देर तक ना रोके पेशाब


ज्यादा समय तक पेशाब रोकने से कौन सी परेशानियां हो सकती हैं?

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यूरीन रोकना हेल्थ के लिए सबसे खतरनाक चीज होती है। यूरीन रोकने से आपका ब्‍लैडर बैक्‍टीरियों को अधिक विकसित करता है जिससे कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं पैदा होती हैं। हम आपको बता रहे हैं कि यूरीन को ज्‍यादा देर तक रोक कर रखने से क्या नुकसान होता है।


• ऐसा करने से यूरिनरी ब्लेडर, Aslam या पेशाब की नली में जलन और सूजन की समस्या हो सकती है। यह किडनी के लिए बेहद हानिकारक है।


• इससे किडनी की कार्य प्रणाली में बाधा होती है और उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। यह किडनी में पथरी यानि किडनी स्टोन या किडनी संक्रमण का कारण बन सकता है।


• शरीर की अशुद्धियों को यूरिन के माध्यम से बाहर निकाला जाता है। अगर सही समय पर यूरीन त्याग न हो तो शरीर में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है, जो सबसे ज्यादा किडनी को प्रभावित करता है।


• देर तक यूरिन रोकने से यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन या मूत्र मार्ग संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है, जो आपकी सेहत को प्रभावित करता है।


• ऐसा करने से ब्लेडर में सूजन आने का खतरा बढ़ जाता है और डिस्चार्ज के दौरान तेज दर्द होने की समस्या हो सकती है।

सर्दियों में खाएं लहसुन का अचार, / डॉ. रुपाली आर्य


सर्दियों में खाएं लहसुन का अचार, कई बीमारियां होंगी कोसों दूर

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इम्यूनिटी होती है मजबूत 


लहसुन का अचार एंटी बैक्टीरियल और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, इसलिए अगर आप सर्दियों के मौसम में लहसुन के अचार का सेवन करते हैं, तो इससे इम्यूनिटी (Immunity) मजबूत होती है। जो आपके शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से सुरक्षित रखने में मदद करता है। 


कोलेस्ट्रॉल होता है कंट्रोल 


सर्दियों के मौसम में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) बढ़ने की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन अगर आप सर्दियों के मौसम में लहसुन के अचार का सेवन करते हैं, तो इससे शरीर में बढ़ता खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है। जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। 


जोड़ों के दर्द में फायदेमंद 


सर्दियों के मौसम में जोड़ों में दर्द (Joint pain) और सूजन की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन सर्दियों के मौसम में अगर आप लहसुन के अचार का सेवन करते हैं, तो इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेंटरी गुण दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। 


सर्दी-जुकाम में फायदेमंद 


सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम (Cold) की शिकायत होना एक आम बात हैं, लेकिन सर्दी-जुकाम की शिकायत होने पर अगर आप लहसुन के अचार का सेवन करते हैं, तो इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल गुण सर्दी-जुकाम की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। 


डायबिटीज में फायदेमंद 


डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों के लिए लहसुन के अचार का सेवन फायदेमंद होता है। क्योंकि लहसुन का अचार कई गुणों से भरपूर होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार होता है। 


लिवर के लिए फायदेमंद 


लहसुन के अचार का सेवन लिवर (Liver) के लिए बेहद फायदेमंद होता है। क्योंकि लहसुन का अचार खाने से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिससे लिवर स्वस्थ रहता है, साथ ही इसका सेवन फैटी लिवर की समस्या को धीरे-धीरे कम करता है और लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है। 


पाचन तंत्र होता है मजबूत 


लहसुन के अचार का सेवन पाचन (Digestion) से जुड़ी समस्या होने पर फायदेमंद होता है। क्योंकि लहसुन के अचार का सेवन करने से पाचन तंत्र में सुधार होता है और एसिडिटी, अपच जैसी समस्या दूर होती है।