सोमवार, 5 सितंबर 2016

चीनी सरकार की उपेक्षा के शिकार बने ओबामा






प्रस्तुति- स्वामी शरण


शनिवार तीन सितम्बर 2016 दोपहर को जब अमेरिकी वायुसेना का विमान हांगझाउ में उतरने वाला था, उससे पहले ही अमेरिकी और चीनी अधिकारी एक तात्कालिक मुद्दे पर लंबी और गर्मागर्म बहस में उलझे हुए थे-राष्ट्रपति ओबामा विमान से कैसे उतरेंगे? जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति के आगमन पर चीन ने जिस तरह आचरण किया, उसे देखकर कहा जाने लगा कि चीन ने बराक ओबामा का अनादर किया है। चीन के रवैये से परिचित अमेरिकी अधिकारी और राजनयिक कहते हैं कि वास्तविकता सरल और जटिल, दोनों है।
अमेरिकी सेना ने एक रोलिंग एयर स्टेयर लगाया था, जैसा कि ओबामा की सभी विदेश यात्राओं में होता है। ह्वाइट हाउस ने चीन से इस उपकरण के प्रयोग की मंजूरी ले ली थी, लेकिन ओबामा के चीन पहुंचने से पहले एक वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी ने बताया कि बीजिंग ने अचानक अपना फैसला पलट दिया है। उस अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी चीनी सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार थे, लेकिन चीनी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सीढ़ियों को एक स्थानीय ड्राइवर लेकर जाएगा, जो ह्वाइट हाउस की टीम के साथ बातचीत भी नहीं कर सकता था। इसलिए ह्वाइट हाउस ने मांग की कि उसकी जगह पर एक अंग्रेजीभाषी ड्राइवर को तैनात किया जाए, जिसे चीनी अधिकारियों ने ठुकरा दिया।

जैसे ही अमेरिकी वायुसेना का विमान एयरफोर्स वन उतरा, चीनी अधिकारी नरम पड़ गए और उन्होंने अमरेकी अधिकारियों से कहा कि वे अपनी सीढ़ियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन तब अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अब इसके लिए समय नहीं है, इसलिए ह्वाइट हाउस ने मुख्यद्वार को छोड़कर विमान के तल में बने निकास द्वार के उपयोग का फैसला किया, जो फोल्डिंग सीढ़ियों से लैस था। ओबामा आम तौर पर उस द्वार का इस्तेमाल तभी करते हैं, जब एयरफोर्स वन अफगानिस्तान जैसी सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील जगहों पर उतरता है। इस फैसले के कारण राष्ट्रपति ओबामा मुख्य द्वार से लाल कालीन तक लगी भव्य सजावट वाली सीढ़ियों से उतरने से वंचित रह गए। हालांकि वहां कालीन बिछी थी, लेकिन वह राष्ट्रपति ओबामा के लायक नहीं थी।

चीनी अधिकारियों ने राष्ट्रपति ओबामा के आगमन को रिकॉर्ड करना चाहा, तो ह्वाइट हाउस प्रेस के अधिकारियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इस तरह राष्ट्रपति ओबामा का चीन में आगमन अराजकता की भेंट चढ़ गया। यहां तक कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसैन ई. राइस को भी चीनी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा परेशान किया गया। सुरक्षा और ओबामा की यात्रा को लेकर चीनी एवं अमेरिकी अधिकारियों के बीच विवाद नवंबर, 2009 से उनके हर दौरे की विशेषता बन गई है। कुछ लोगों का मानना है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सीढ़ियों को लेकर अमेरिकी अनुरोध को खारिज करने के लिए आदेश जारी किया, यह गतिरोध एक तरह से राष्ट्रीय गौरव और अमेरिका को चुनौती देने का प्रतीक है, जो शी जिनपिंग के काल में गहरा हुआ है। चीन में मैक्सिको के पूर्व राजदूत जॉर्ज गुआजार्दो कहते हैं कि यह चीन की राष्ट्रवादी संस्कृति का हिस्सा है, जिसे जिनपिंग ने हर स्तर पर लागू किया है। 'अमेरिका नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए।'

गुआजार्दो बताते हैं कि उन्हें भी एक बार चीन की इस चरम मांग का सामना करना पड़ा था, जब वह वर्ष 2012 में मैक्सिको में हुए जी-20 समूह के शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी अधिकारियों के साथ काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ड्राइवर वाली सीढ़ी का मुद्दा चीन की उस मुद्रा को दर्शाता है, जिसे लेकर चीन के लोग गौरव का अनुभव करते हैं कि वे किसी से कम नहीं हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों में इस बात को लेकर विवाद है कि सीढ़ी वाली घटना ओबामा को अपमानित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। उनके मुताबिक, इस घटना से यह साफ होता है कि चीन किस तरह जी-20 समूह शिखर सम्मेलन (जिसमें दर्जनों विश्व नेता हिस्सा लेते हैं) की मेजबानी करता है।

चीनी अधिकारियों ने शिखर सम्मेलन से पहले एक करोड़ की आबादी वाले झांगहाउ शहर के काफी हिस्से को खाली करा दिया था। इसके लिए यहां के निवासियों को भुगतान किया गया। अधिकारियों ने बताया कि हांगझाउ एक प्रांतीय राजधानी है, इसलिए इसे विशिष्ट अतिथियों की मेजबानी का कोई अनुभव नहीं है, जैसा कि बीजिंग या यहां तक कि शंघाई को है।

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