गुरुवार, 27 अप्रैल 2023

The invention of lying/

 The invention of lying


यह मूवी एक ऐसे शहर की कहानी है जिसमे कोई भी झूठ नही बोलता । जैसा लोग सोचते है, महसूस करते हैं, वो बिल्कुल वेसे ही सच बोलकर अपने आपको जाहिर करते हैं । सच बोलना उनके स्वभाव में आ जाता हैं ।


"मैं आज काम पर नही आ सकता, क्योकि मुझे काम करना बेकार लगता हैं ।"


"तुम्हारा बच्चा कितना भद्दा दिखता है, बिल्कुल एक चूहे की तरह ।"


"वाव !! कितने दिनों बाद मेरा पेट आज अच्छे से साफ हुआ हैं ।"


"तुमसे मिलकर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नही लगा ।"


इसी तरह के मूवी के किरदारों के आपसी सवांद आपको हँसने पर मजबूर करंगे या फिर सोचने पर ?


मार्क बिलिसन इस मूवी के नायक है और इस मूवी में इनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वो इस दुनिया का सबसे पहला झूठ बोलते हैं ।

मार्क डेट पर एक लड़की एना से मिलने उसके घर जाते है, वहाँ हुई दोनो की बातचीत से आपको लग जायेगा कि सच बोलना कितना अखरेगा यदि हम उनकी तरह सच बोलने लगे, बजाय इसके की झूठ बोलकर औपचारिकता निभाई जाएं । फिर एक रेस्टोरेंट में डिनर डेट पर भी उनकी आपस में हुई सच्ची, मगर कड़वी बातें भी आपको कुछ अजीब सी लगेंगी ।


मूवी में मार्क एक लेखक होता है लेकिन उसको उसके खराब परफॉर्मेंस की वजह से नौकरी से निकाल दिया जाता हैं, वहाँ मार्क और उसके सहकर्मी के बीच का वार्तालाप भी मजेदार होता हैं, सच बोलने की वजह से । 


नौकरी जाने की वजह से उसके पास घर का रेंट देने के लिए रुपये नही होते है, वो अपने बचे खुचे रुपए लेने और खाता बंद करने की नीयत से बैंक जाता हैं । अचानक वहाँ उसके दिमाग मे कुछ खुरापात होती हैं और वो दुनिया का सबसे पहला झूठ बोलता है की उसके खाते में 800 रुपए हैं, जबकि उसके खाते में 300 रुपए ही होते हैं । बैंक कर्मचारी इसे कंप्यूटर की गलती मानकर उसे 800 रुपए दे देती हैं क्योकि वहाँ सबकी नजरों में झूठ जैसा कुछ होता ही नही हैं, सभी सच ही बोलते हैं, इसलिए बैंककर्मी उसे कंप्यूटर की गलती ही मानती हैं ।


वो अपने दोस्त को उस झुठ बोलने के बारे में बताता है लेकिन उसके दोस्त उसे समझ नही पाते । लेकिन मार्क समझ जाता है कि इस के जरिए वो अपनी नई दुनिया बना सकता हैं । इस तरह वो झूठ बोल बोल कर अपना काम निकालना और रुपया कमाना शुरू कर देता हैं । जैसे कि वर्तमान के लगभग सभी इंसान कर रहे हैं । 


पूरी मूवी के सभी किरदारों का मूवी में सच बोलना, गजब का लगता हैं । उसे देखा जाएं, सुना जाएं, हंसा जाएं या फिर उन बातों पर रोया जाएं । सोचो !! यदि सभी सच बोलने लगे तो आसपास का माहौल कैसा हो जाएं । 😁


मार्क की माँ को हार्ट अटैक आता है वो अंतिम सांसें गिन रही होती है और अपनी मृत्यु को लेकर काफी दुःखी होती हैं । ऐसे में मार्क अपनी माँ को सांत्वना देने के लिए उन्हें झूठे आश्वासन देता है कि मरने के बाद आप अंधेरे में नही जाएगी । मरने के बाद आप अपनी मनपसंद जगह पर जाएंगी । जिन लोगो से आपने प्यार किया, वो सब आपको वहाँ मिलेंगे । आप फिर से युवा होकर उछलकूद मचाएंगी, जो आपको पसंद हैं । कोई कष्ट नही, सिर्फ खुशियां और प्यार इत्यादि कह कर उनका अंतिम सफर आसान कर देता हैं । 


"झूठ इंसान को भुलावे में रखकर ही सही, लेकिन मानसिक रूप से हल्का तो कर ही देता हैं ।"


यह सब बातें हॉस्पिटल का स्टाफ सुन लेता हैं और वो सभी मरने के बाद के बारे में जानने को उत्सुक हो जाते हैं । धीरे धीरे यह खबर पूरे शहर में फैल जाती है कि मार्क एकमात्र ऐसा इंसान है जो मरने के बाद के बाद क्या होता है, सिर्फ वही जानता हैं । आसमान में एक व्यक्ति है जो पूरी दुनिया को नियंत्रित रखता हैं ।  "मेन इन द स्काई"


उस आसमानी इंसान से सिर्फ मार्क ही बात कर सकता हैं । सभी लोगो की जिज्ञासा को शांत करने के लिए मार्क उस आसमानी इंसान की तरफ से 10 बातें एक पेपर पर लिखकर, उसे पिज़्ज़ा बॉक्स पर चिपकाकर, उन सभी इंसानों को बताता है जो उसके घर के बाहर इकट्ठे हो जाते हैं । उनके सवालो के जवाब देता हैं । मूवी का लगभग 6 मिनट्स का यह सीन वाकई में देखने काबिल हैं । जो इंसान ऐसा मानते है कि कही कोई आसमान में बैठा आपके सारी जिंदगी के फैसलों को तय कर रहा हैं, उनको यह सीन जरूर देखना चाहिए ।


"अगर उसने आपके साथ इस जिंदगी में कुछ बुरा भी किया है तो मरने के बाद वो आपको अच्छी जगह ले जाएगा ।

यह जिंदगी सिर्फ एक इम्तिहान हैं ।"


......आगे की स्टोरी आप मूवी में देखिए ।


मूवी में सच बोलने की वजह से जो हास्य भाव पैदा होता है अगर हम उसे असल मे बोलने लगे तो अवसाद में जाने का खतरा हैं । लड़ाई हो जाने का खतरा हैं, बेवजह की दुश्मनी बना लेने का खतरा हैं । शायद हम इंसानों की आदत हो गई है कि झूठ बोलकर ही जिंदगी जीना अब आसान है, सच बोलने की बजाय । इसलिए सच से पल्ला झाड़ने में ही भलाई हैं । बहुत कठिन है डगर इस पनघट की । शायद झूठ बोलने की शुरुआत इसलिए कि गई हो कि जीवन को थोड़ा सुकून से जिया जा सकें । 😊


मूवी में आसमानी इंसान की बात की गई हैं जो आप सबको नियंत्रित करता हैं । मानवीय स्वभाव है कि वो हमेशा आशा की उम्मीद बनाए रखना चाहता हैं, ताकि दुःखी पलो में भी जीवन जीने की लालसा बनी रहें । शायद इसी तरह के आसमानी इंसानों की कभी कल्पना की गई होगी । लेकिन इस दुनिया को देखते हुए लगता नही की कोई आसमानी इंसान इसे नियंत्रित कर रहा हैं । लेकिन फिर भी उम्मीद बरकरार है मरने के बाद के सुखद जीवन की । यहाँ भले ही परेशान हो, लेकिन मरने के बाद, वहाँ रहने को महल और बाकी की सभी सुख सुविधाएं मिलने वाली हैं, जो यहाँ नही मिली । बहुत अजीब बात है ना ।

अजब दुनिया और गजब लोग । 🙄


शुक्रिया 🦋


The Invention of Lying (2009)

 Audio : Hindi & English

Availability : Prime Video, Netflix & Telegram

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