शुक्रवार, 7 अप्रैल 2023

बालू की किल्ल्त और सरकार उदासीन

 बालू की किल्ल्त और सरकार उदासीन

उदासीन रवैया के ख़िलाफ़ इंटक का जनाक्रोश ट्रैक्टर महारैली 06 अप्रैल को...

 


सरकार बालू घाटों की बंदोबस्ती करे या आम लोगों के लिए बालू फ्री करे : बीनू सिंह


     हुसैनाबाद :- झारखंड इंटक के प्रदेश महासचिव विनय कुमार सिंह उर्फ़ बीनू सिंह ने प्रेसवार्ता कर कहा कि बालू को लेकर लगातार दो वर्षों से हुसैनाबाद विधानसभा क्षेत्र में भवन निर्माण व विकास कार्य प्रभावित है। लगातार ध्यानाकृष्ट कराने के बावज़ूद सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। अब जनता, मज़दूर, गाड़ी मालिक, दुकानदार सभी के सब्र का बाँध टूट चुका है। सरकार के मुखिया बालू का अवैध कारोबार अपने अधिकारियों के माध्यम कराकर सरकारी ख़ज़ाने में सेंध लगा रहे हैं, यह जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है, जिसे किसी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। आगे उन्होंने कहा कि झारखंड के बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं करने के पीछे बड़ा खेल चल रहा है। बालू घाटों की बंदोबस्ती होने से सरकार को राजस्व भी मिलता और आम लोगों को बालू आसानी से सस्ती दर पर उपलब्ध होता, पर सरकार के मुखिया बालू की कालाबाज़ारी कराकर अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं, वहीं राज्य में भवन निर्माण, सड़क, पीएम आवास समेत सभी विकास के कार्य ठप्प पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब याचना नहीं रण होगा, संघर्ष बड़ा भीषण होगा। आगे उन्होंने कहा कि अगर 06 अप्रैल के बाद बालू घाटों की नीलामी नहीं होती है तो वह खुद बालू घाटों से सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर जाएँगे और जनता को बालू उपलब्ध कराएँगे। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि अगर हिम्मत होगी तो वे ट्रैक्टर को पकड़कर दिखाएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की मिलीभगत से बालू का अवैध कारोबार हुसैनाबाद समेत पूरे राज्य में फल-फूल रहा है और यह पैसा ऊपर तक पहुँच रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में निजी निर्माण कार्य के साथ साथ सरकारी योजनाएँ भी अधर में लटकी हुई हैं। निजी आवास निर्माण कर्तागण पत्थर के डस्ट का उपयोग कर निर्माण कराने को भी मज़बूर हैं। साथ ही, निजी घरों का निर्माण कार्य करा रहे लोग परेशान हैं। बालू के अभाव में उनका भवन निर्माण का काम बंद है। उन्होंने कहा कि बालू के अभाव में विकास कार्य ठप्प हो जाने से राज मिस्त्री, मज़दूर और अन्य कारीगरों का पलायन दूसरे राज्यों में होने लगा है, वहीं सीमेंट, ईंट, छड़ आदि का व्यवसाय करने वाले लोगों की अर्थव्यवस्था चरमरा-सी गई है। दूसरी तरफ़, सरकार रोज़गार देने में विफल है, जिनके पास रोज़गार की व्यवस्था थी, उनका रोज़गार भी बालू के अभाव में ठप्प पड़ा है। इंटक के बैनर तले वे बालू की समस्या को लेकर 06 अप्रैल को अनुमंडल मैदान से विशाल ट्रैक्टर महारैली निकाल कर बड़ेपुर उच्च विद्यालय मैदान में सभा करेंगे। बड़ेपुर मैदान में ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। आने वाले दिनों में बालू को लेकर पुलिस-प्रशासन और जनता के बीच टकराव की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि अभी भी वक़्त है। सरकार और प्रशासन बालू को लेकर निर्णय ले या टकराव से निबटने को तैयार रहे, क्योंकि जनता के हित के लिए कार्य करना ही हमारा परम कर्तव्य व धर्म है।


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